आंध्र प्रदेश के मंत्री ने टीटीडी को घी की आपूर्ति को लेकर वाईएसआरसीपी के दावों का खंडन किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-01-2026
Andhra Pradesh minister refutes YSRCP claims of ghee supply to TTD
Andhra Pradesh minister refutes YSRCP claims of ghee supply to TTD

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी. केशव ने शनिवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) लड्डू के लिए घी की खरीद को सिर्फ एक व्यापारिक सौदे की तरह देखा और उन्हें भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी में आस्था नहीं है।

केशव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को भेजे गए घी के नमूनों की रिपोर्ट में साफ तौर पर पशु चर्बी होने की आशंका जताई गई थी और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी इसी रिपोर्ट का हवाला दिया था।
 
उन्होंने आरोप लगाया कि मैसूरु स्थित केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) को भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट में भी घी के मिलावटी होने की बात सामने आई थी लेकिन जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने इस रिपोर्ट को दबा दिया।
 
वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नियुक्त बोर्ड ने घी की खरीद के लिए निविदा शर्तों में बदलाव किया जिससे कम कारोबार वाली छोटी कंपनियों के लिए रास्ता खुल गया।
 
केशव ने बताया कि इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुके विशेष जांच दल (एसआईटी) ने साफ किया है कि घी में मिलावट से जुड़ी यह “धोखाधड़ी” करीब 240 करोड़ रुपये की है।
 
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीटीडी के तत्कालीन अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक ने डेयरी कंपनियों से करीब चार करोड़ रुपये प्राप्त किए और इस राशि को अन्य खातों में अंतरित कर दिया गया।