नई दिल्ली।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्ममेकर रीमा दास एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करने जा रही हैं। उनकी नई फीचर फिल्म ‘नॉट अ हीरो’ (Not a Hero) का चयन प्रतिष्ठित बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (बर्लिनाले) के 76वें संस्करण के लिए किया गया है। यह फिल्म जेनरेशन केप्लस (Generation Kplus) प्रतियोगिता श्रेणी में अपनी वर्ल्ड प्रीमियर के साथ 14 फरवरी 2026 को प्रदर्शित की जाएगी।
यह रीमा दास की बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में तीसरी फिल्म है। इससे पहले उनकी चर्चित फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ को 2019 में बर्लिनाले में प्रदर्शित किया गया था, जबकि इसका सीक्वल ‘विलेज रॉकस्टार्स 2’ वर्ष 2025 में इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव का हिस्सा बना था। लगातार तीसरी बार बर्लिनाले में चयन को रीमा दास के सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।
‘नॉट अ हीरो’ की कहानी शहर और गांव के बीच की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फिल्म एक ऐसे छोटे बच्चे की यात्रा को दिखाती है, जो अचानक शहर की सुविधाओं से दूर अपने पुश्तैनी गांव में रहने को मजबूर हो जाता है। इस नए और अनजाने माहौल में वह न सिर्फ जीवन की सादगी से रूबरू होता है, बल्कि ताकत, मर्दानगी और अपने अस्तित्व को लेकर उसकी सोच भी धीरे-धीरे बदलती है।
फिल्म की आधिकारिक कहानी के अनुसार, शहर से गांव भेजा गया यह लड़का अपनी कड़वी स्वभाव वाली मौसी से मिलता है, एक घोड़े से दोस्ती करता है और गांव के जंगली और बेफिक्र बच्चों के साथ रोमांचक अनुभवों से गुजरता है। इन अनुभवों के जरिए वह जीवन की सुंदरता और उस साहस को खोजता है, जिसके बारे में उसने कभी सोचा भी नहीं था।
यह फिल्म असमिया, हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में बनाई गई है। इसमें मुख्य भूमिका निभाई है भुमन भार्गव दास ने, जो इससे पहले रीमा दास की 2022 की फिल्म ‘तोरा’ज़ हसबैंड’ में नजर आ चुके हैं। उनके साथ सुकन्या बोरुआह और कई गैर-पेशेवर कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं, जो कहानी को और अधिक वास्तविक बनाते हैं।
फिल्म का निर्माण रीमा दास के प्रोडक्शन बैनर फ्लाइंग रिवर फिल्म्स के तहत किया गया है, जिसमें अकांगा फिल्म एशिया सह-निर्माता है। रीमा दास ने कहा कि यह फिल्म बच्चों की उस समझ से प्रेरित है, जहां ताकत डर या अपेक्षाओं से नहीं, बल्कि दयालुता, जागरूकता और दुनिया के साथ सामंजस्य बिठाने की क्षमता से आती है।
बर्लिन फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष जेनरेशन सेक्शन में 31 देशों की 18 फीचर फिल्में और 23 शॉर्ट फिल्में शामिल हैं, जिनमें 30 वर्ल्ड प्रीमियर और 10 पहली फीचर फिल्में शामिल हैं। ऐसे में ‘नॉट अ हीरो’ का चयन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।