नई दिल्ली
भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपने 30 साल के करियर का जश्न मनाया। इस मौके पर उन्होंने अपने प्रशंसकों के लिए सोशल मीडिया पर एक भावुक पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी लंबी यात्रा और पर्दे के पीछे की चुनौतियों के बारे में विस्तार से लिखा।
रानी ने बताया कि जब उन्होंने तीस साल पहले फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब उनके पास कोई बड़ी योजना नहीं थी। उन्होंने स्वयं कहा, "मैंने कभी अभिनेत्री बनने का सपना नहीं देखा। आज ऐसा लगता है जैसे सिनेमा ने मुझे खुद ही खोज लिया हो।"
उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उनका अनुभव संयोग और डर का मिश्रण था। रानी ने लिखा कि वह पहली बार कैमरे के सामने खड़ी हुईं और लगातार अपने आप से सवाल करती रहीं – “क्या मैं डायलॉग याद रख पाऊंगी? क्या मैं इस काम के लायक हूं?” उनकी यह घबराई हुई और अनजान लड़की आज भी उनके अंदर मौजूद है, जो उन्हें लगातार प्रेरित करती है।
रानी मुखर्जी ने अपने करियर में निभाए गए विविध किरदारों का जिक्र करते हुए कहा कि वह कभी रोमांटिक हीरोइन रहीं, तो कभी सशक्त और विद्रोही पात्र। उन्होंने हाल ही में अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ की तीसरी कड़ी की घोषणा कर अपने प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ाया।
अपने लंबे करियर के अनुभव और माँ बनने के अनुभव के बीच संबंध पर भी रानी ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत में ही एक मां की भूमिका निभाकर उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। उन्होंने लिखा, “मां बनने के बाद जब मुझे यह पुरस्कार मिला, तब मुझे एहसास हुआ कि एक मां अपने बच्चे के लिए कितनी हद तक जा सकती है। जीवन के इस पड़ाव पर मैं और भी परिपक्व हो गई हूं।”
रानी मुखर्जी ने यह भी कहा कि उनका करियर केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं था, बल्कि इसमें संयोग, परिस्थितियाँ और सीखने की लगन का भी बड़ा योगदान है। उन्होंने अपने प्रशंसकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके प्यार और समर्थन ने ही उन्हें लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुँचने का साहस दिया।
30 साल के फिल्मी सफर को याद करते हुए रानी मुखर्जी ने अपने पत्र में कहा कि सिनेमा ने उन्हें केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और जीवन दृष्टि से भी समृद्ध किया।