नई दिल्ली
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए अपनी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को दुनिया के सामने रख रही हैं। हाल ही में उन्होंने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी के साथ अपनी दशकों पुरानी दोस्ती और दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र के साथ दिलीप कुमार के खास रिश्तों को याद किया है। सायरा की यह तहरीर सिर्फ यादें नहीं हैं। यह उस दौर की कहानी है जब फिल्मी दुनिया के सितारों के बीच रूहानी रिश्ते हुआ करते थे।
पहली मुलाकात और साझा की गई बातें
सायरा बानो ने उस दौर को याद किया जब हेमा मालिनी फिल्म 'दीवाना' की शूटिंग कर रही थीं। यह साल 1966की बात है। सायरा खुद उस समय राज कपूर की एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। कृष्णा राज सागर बांध के पास दोनों अभिनेत्रियों के कमरे एक-दूसरे के बिल्कुल पास थे। सायरा बताती हैं कि पहली बार हेमा को देखकर वे उनकी खूबसूरती की कायल हो गई थीं।
उन दिनों को याद करते हुए सायरा ने लिखा कि हमारे कमरे पास होने की वजह से हमारे दिन साथ बीतने लगे। वे दोनों घंटों बरामदे में बैठकर बातें किया करती थीं। उन मुलाकातों में स्किन केयर से लेकर ब्यूटी रूटीन और जिंदगी की छोटी-बड़ी बातें शामिल होती थीं। खास बात यह थी कि उन बातचीत के दौर में दोनों की माताएं भी शामिल हुआ करती थीं। यह एक ऐसा पारिवारिक माहौल था जिसने उनकी दोस्ती की बुनियाद को मजबूत किया।
समय बदला पर अहसास नहीं
हेमा मालिनी ने 1968में 'सपनों का सौदागर' से बॉलीवुड में कदम रखा था। वक्त गुजरता गया और दोनों अपने करियर में व्यस्त हो गईं। लेकिन सायरा कहती हैं कि उनके बीच का बुनियादी रिश्ता कभी नहीं बदला। सायरा के मुताबिक कुछ दोस्तियां ऐसी होती हैं जिन्हें बनाए रखने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ती। वे बस बनी रहती हैं। हेमा के साथ उनके रिश्ते में कोई दिखावा या बनावटीपन नहीं है। समय के साथ उनकी आपसी समझ और ज्यादा गहरी हुई है।
धर्मेंद्र और दिलीप साहब का अनूठा प्रेम
सायरा बानो ने अपनी पोस्ट में धर्मेंद्र का जिक्र बड़े ही सम्मान के साथ किया है। धर्मेंद्र का पिछले साल नवंबर में 89वर्ष की आयु में निधन हो गया था। सायरा ने धर्मेंद्र और दिलीप कुमार के बीच के लगाव को याद करते हुए लिखा कि धर्मेंद्र जी के मन में दिलीप साहब के प्रति जो प्यार और सम्मान था, उसे शब्दों में बताने की जरूरत नहीं थी। यह सम्मान उनके बोलने के तरीके और उनकी आंखों में साफ झलकता था।
सायरा ने धर्मेंद्र के साथ 'आदमी और इंसान', 'रेशम की डोरी' और 'ज्वार भाटा' जैसी फिल्मों में काम किया है। वे कहती हैं कि धर्मेंद्र की गर्मजोशी और उनकी ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी खूबी थी। वे जिस स्नेह के साथ लोगों से मिलते थे, वह सीधा दिल में उतर जाता था। दिलीप साहब के प्रति धर्मेंद्र का आदर बहुत गहरा और रूहानी था।
अनकहे और अनसुने रिश्तों की अहमियत
सायरा बानो का मानना है कि कुछ रिश्ते दुनिया को बताकर नहीं जीए जाते। वे बस सालों-साल खामोशी से चलते रहते हैं।