आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गायक अरमान मलिक ने भारत के बदलते म्यूज़िक सीन पर खुलकर बात की है। उनका कहना है कि भले ही बॉलीवुड ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई, लेकिन आज के समय में इंडिपेंडेंट म्यूज़िक कलाकारों के लिए ज़्यादा रोमांचक और फायदे का सौदा बनता जा रहा है। इसके बावजूद अरमान मानते हैं कि लंबे समय तक कामयाब रहने के लिए बॉलीवुड और इंडी दोनों के बीच संतुलन बनाना बेहद ज़रूरी है।
ANI से बातचीत में अरमान मलिक ने कहा कि इंडी म्यूज़िक ने कलाकारों को नई आज़ादी और मौके दिए हैं। अब कलाकार सिर्फ़ फिल्मों पर निर्भर नहीं हैं। वे अपने गाने खुद बना सकते हैं और सीधे श्रोताओं तक पहुंचा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ़ किया कि इसका मतलब यह नहीं कि बॉलीवुड की अहमियत कम हो गई है।
अरमान के मुताबिक, इंडी म्यूज़िक में रचनात्मक आज़ादी ज़्यादा है, लेकिन यहां अपनी अलग पहचान बनाना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ गाना रिलीज़ कर देना काफ़ी नहीं होता, बल्कि लोगों को आपकी बनाई हुई दुनिया चाहे वो संगीत हो या विज़ुअल उससे जुड़ना चाहिए।
बॉलीवुड की ताक़त पर बात करते हुए अरमान ने कहा कि फ़िल्मी गानों की पहुंच आज भी सबसे ज़्यादा है। ये गाने अलग-अलग इलाकों, भाषाओं और पीढ़ियों के लोगों को जोड़ते हैं। इसलिए दोनों ही प्लेटफॉर्म अपने-अपने तरीके से अहम हैं।
अरमान मलिक का मानना है कि भारत के सबसे सफल कलाकार वही होंगे, जो बॉलीवुड और इंडी म्यूज़िक दोनों में संतुलन बनाकर चलें। उन्होंने कहा कि किसी एक को चुनने के बजाय दोनों को साथ लेकर चलना ही सही रास्ता है।
इसके अलावा अरमान ने यह भी बताया कि उनके पास करीब 15 अंग्रेज़ी गाने तैयार हैं, जिन्हें वे जल्द रिलीज़ करना चाहते हैं। वे इसे अपने करियर का एक नया दौर मानते हैं, जहां वे पहले से ज़्यादा सच्चे और भावनात्मक संगीत के साथ सामने आएंगे।