केकेआर को लेकर विवादों के बीच शाहरुख़ खान का 4000 करोड़ का मास्टरस्ट्रोक

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 03-01-2026
Amidst controversies surrounding KKR, Shah Rukh Khan's 4000 crore masterstroke.
Amidst controversies surrounding KKR, Shah Rukh Khan's 4000 crore masterstroke.

 

आवाज़ द वॉयस/ नई दिल्ली

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर उठे शोर-शराबे और इसी बहाने आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मौका देने पर अभिनेता शाहरुख़ ख़ान को ‘देशद्रोही’ करार देने वालों के लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। दरअसल, बॉलीवुड के ‘किंग खान’ आईपीएल 2026 से पहले क्रिकेट की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाहरुख़ ख़ान आईपीएल फ्रेंचाइज़ी केकेआर में करीब 4,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने जा रहे हैं, जो किसी भी खेल लीग में अब तक के सबसे बड़े पूंजी निवेशों में शामिल होगा।
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इस खबर के सामने आते ही शाहरुख़ ख़ान की आलोचना करने वालों की चारों ओर से आलोचना शुरू हो गई है। कई विश्लेषकों और खेल प्रेमियों का कहना है कि शाहरुख़ ख़ान को निशाना बनाकर खुद को सुर्खियों में लाने की कोशिश करने वाले लोग यह अच्छी तरह जानते हैं कि वह सिर्फ़ एक फ़िल्म अभिनेता नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के अनौपचारिक ब्रांड एम्बेसडर भी माने जाते हैं।

खासकर अरब देशों में उनकी लोकप्रियता किसी सुपरस्टार से कम नहीं है, जहां वे भारतीय संस्कृति, सिनेमा और सॉफ्ट पावर की पहचान बन चुके हैं।

इंडियन प्रीमियर लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल क्रिकेट लीग बन चुकी है। 2008 में शुरू हुई इस लीग ने न सिर्फ़ क्रिकेट के खेल को नया स्वरूप दिया, बल्कि खेल और मनोरंजन के संगम को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

आईपीएल की इस कामयाबी की कहानी में शाहरुख़ ख़ान का नाम बेहद अहम है, क्योंकि उन्होंने उस दौर में इस लीग पर भरोसा किया, जब कई लोग इसे एक जोखिम भरा प्रयोग मान रहे थे।

शाहरुख़ ख़ान कोलकाता नाइट राइडर्स के प्रमुख सह-मालिक हैं और शुरू से ही टीम की पहचान और लोकप्रियता से गहराई से जुड़े रहे हैं। मैदान पर केकेआर की जीत के बाद खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाना हो या हार के बाद उनका हौसला बढ़ाना,शाहरुख़ की मौजूदगी ने टीम को एक अलग ही भावनात्मक जुड़ाव दिया है। यही वजह है कि केकेआर आज आईपीएल की सबसे पसंदीदा और चर्चित फ्रेंचाइज़ियों में गिनी जाती है।

2008 में, जब आईपीएल बिल्कुल नया था और इसके भविष्य को लेकर संशय बना हुआ था, तब शाहरुख़ ख़ान ने केकेआर के 55 प्रतिशत शेयर खरीदने के लिए करीब 165 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

उस समय टीम का कुल मूल्य लगभग 300 करोड़ रुपये आंका गया था। यह फैसला उस दौर में काफी साहसिक माना गया, क्योंकि किसी को अंदाज़ा नहीं था कि आईपीएल इतनी बड़ी वैश्विक सफलता बन जाएगा। लेकिन वक्त ने साबित किया कि शाहरुख़ का यह कदम एक दूरदर्शी कारोबारी फैसला था।
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आज स्थिति यह है कि केकेआर की कुल वैल्यू कथित तौर पर 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये के बीच पहुंच चुकी है। इसमें अकेले शाहरुख़ ख़ान की हिस्सेदारी की कीमत 7,000 से 8,000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यानी उनका शुरुआती निवेश करीब 40 गुना से भी ज़्यादा बढ़ चुका है। यह आंकड़े बताते हैं कि शाहरुख़ ख़ान ने न सिर्फ़ एक टीम खरीदी, बल्कि एक बेहद मजबूत स्पोर्ट्स ब्रांड खड़ा किया।

अब शाहरुख़ ख़ान इस ब्रांड पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में हैं। जानकारी के मुताबिक, केकेआर में हिस्सेदारी रखने वाला मेहता ग्रुप अपनी 45 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 35 प्रतिशत शेयर बेचने जा रहा है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो शाहरुख़ ख़ान की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत हो जाएगी और टीम पर उनका लगभग पूरा नियंत्रण होगा।

इस डील की अनुमानित कीमत करीब 4,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यदि यह निवेश अमल में आता है, तो यह न सिर्फ़ आईपीएल बल्कि किसी भी खेल लीग में अब तक का सबसे बड़ा निजी निवेश माना जाएगा। इसके साथ ही शाहरुख़ ख़ान का कद सिर्फ़ एक फिल्मी सुपरस्टार के तौर पर नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स बिज़नेस के दिग्गज के रूप में भी और ऊंचा हो जाएगा।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शाहरुख़ ख़ान का यह कदम आईपीएल और भारतीय क्रिकेट इकोसिस्टम दोनों के लिए अहम साबित हो सकता है। इससे एक ओर फ्रेंचाइज़ी मॉडल पर निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी जाएगा कि भारत में खेल सिर्फ़ जुनून नहीं, बल्कि एक गंभीर और दीर्घकालिक व्यावसायिक अवसर भी है।
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कुल मिलाकर, जिन लोगों ने शाहरुख़ ख़ान को केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मौका देने या किसी और बहाने से ‘देशद्रोही’ कहने की कोशिश की थी, उनके लिए यह तथ्य अपने-आप में जवाब है। शाहरुख़ ख़ान न सिर्फ़ भारत की सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि भारतीय खेल और अर्थव्यवस्था में भरोसे और निवेश का भी एक बड़ा नाम बन चुके हैं।