ईरान के राष्ट्रपति ने प्रदर्शनों के ‘पीड़ितों’ से मांगी माफी, परमाणु कार्यक्रम पर दोहराया रुख

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-02-2026
Iran's president apologizes to 'victims' of protests, reiterates stance on nuclear program
Iran's president apologizes to 'victims' of protests, reiterates stance on nuclear program

 

दुबई

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश में हुए व्यापक प्रदर्शनों और उसके बाद की गई कार्रवाई से प्रभावित लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, उनके प्रति सरकार जिम्मेदारी महसूस करती है और उनकी मदद करना उसका कर्तव्य है।

1979 की इस्लामी क्रांति की वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिए गए भाषण में पेजेश्कियान ने कहा, “हम जनता के सामने शर्मिंदा हैं। इन घटनाओं में जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनकी सहायता करना हमारी जिम्मेदारी है। हम जनता से टकराव नहीं चाहते।” हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया कि प्रदर्शनों के दौरान हुए रक्तपात में ईरानी सुरक्षा बलों की प्रत्यक्ष भूमिका थी।

राष्ट्रपति ने प्रदर्शनों को लेकर कथित “पश्चिमी दुष्प्रचार” की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि बाहरी शक्तियों ने हालात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। उन्होंने कहा कि सरकार देश में स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन साथ ही जनता की भावनाओं और दुख को भी समझती है।

अपने संबोधन में पेजेश्कियान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने दोहराया कि ईरान “परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा” और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रकार के सत्यापन या जांच के लिए तैयार है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी है।

हालांकि, संभावित परमाणु समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के संकेत देते हुए एक और विमानवाहक पोत क्षेत्र में भेजने की चेतावनी दी है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) पिछले कुछ महीनों से ईरान के परमाणु भंडार का पूर्ण निरीक्षण और सत्यापन करने में असमर्थ रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ी हैं।

राष्ट्रपति पेजेश्कियान का यह माफीनामा ऐसे समय आया है जब देश के भीतर और बाहर, दोनों स्तरों पर ईरान की नीतियों को लेकर बहस जारी है।