काबुल
अफगानिस्तान के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं। यह जानकारी गुरुवार को अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ANDMA) की ओर से दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, हालिया भारी बारिश और हिमपात ने जहां लंबे समय से जारी सूखे के दौर को समाप्त किया है, वहीं इसके साथ आई अचानक बाढ़ ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने बताया कि खराब मौसम की मार देश के मध्य, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में पड़ी है, जिससे दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
प्रवक्ता के मुताबिक, बाढ़ के कारण कई जिलों में सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत भी हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस आपदा से करीब 1,800 परिवार प्रभावित हुए हैं। पहले से ही आर्थिक संकट और मानवीय चुनौतियों से जूझ रहे शहरी और ग्रामीण समुदायों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो गई है।
हम्माद ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में विशेष टीमें भेजी हैं, जो नुकसान का जायजा ले रही हैं। प्रभावित लोगों की ज़रूरतों—जैसे भोजन, आश्रय, दवाइयां और स्वच्छ पानी—का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार और राहत एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
इस बीच, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में और बारिश तथा हिमपात की चेतावनी दी है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अफगानिस्तान में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार, मानवीय संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह अफगानिस्तान को आपदा राहत और पुनर्वास के लिए तत्काल सहायता प्रदान करे। फिलहाल, देश के कई हिस्सों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं और हजारों लोग सुरक्षित आश्रय व मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं।






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