मुंबई (महाराष्ट्र)
इंडियन सुपर लीग (ISL) ने सोमवार को करण यादव को अपना चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) घोषित किया। यह भारत की प्रमुख फुटबॉल लीग के लिए लीडरशिप का एक नया अध्याय है, क्योंकि अब यह क्लब-आधारित मॉडल के तहत काम कर रही है। एक रिलीज के अनुसार, स्पोर्ट्स, मीडिया, मार्केटिंग, कमर्शियल स्ट्रैटेजी और ऑपरेशन्स में लगभग दो दशकों के अनुभव के साथ, यादव लीग ऑफिस में फुटबॉल की समझ और स्पोर्ट्स-बिज़नेस की विशेषज्ञता का अनूठा मेल लेकर आए हैं।
खेल के क्षेत्र में उनका करियर 2010 में फुटबॉल के साथ शुरू हुआ, जब उन्होंने TheHardTackle.com की सह-स्थापना की। यह एक डिजिटल फुटबॉल पब्लिकेशन था जिसे उन्होंने बनाया और एडिटर-इन-चीफ के तौर पर चलाया, जहाँ उन्होंने 50 से ज़्यादा लेखकों और 10 एडिटर्स की ग्लोबल टीम को मैनेज किया। उनके करियर में कमर्शियल स्ट्रैटेजी, सेल्स और मार्केटिंग, स्पोर्ट्स राइट्स मैनेजमेंट, एथलीट मैनेजमेंट और ऑपरेशन्स जैसे क्षेत्र शामिल रहे हैं।
उन्होंने Wavemaker (WPP) में स्पोर्ट्स और कंटेंट प्रैक्टिस का नेतृत्व किया, यूनिकॉर्न स्टार्टअप ACKO में स्पोर्ट्स स्पॉन्सरशिप और एक्टिवेशन्स का काम संभाला, और हाल ही में JSW स्पोर्ट्स में चीफ कमर्शियल ऑफिसर के तौर पर काम किया। वहाँ उन्होंने स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी, टैलेंट मैनेजमेंट और ब्रांड कंसल्टिंग में 300 करोड़ रुपये से ज़्यादा के P&L (लाभ-हानि) का नेतृत्व किया। रिलीज के अनुसार, JSW स्पोर्ट्स में उन्होंने ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा के लिए कमर्शियल स्ट्रैटेजी तैयार की, 2024 पेरिस ओलंपिक में टीम इंडिया के साथ JSW की किटिंग पार्टनरशिप को मैनेज किया और 2025 में भारत की पहली ग्लोबल एथलेटिक्स IP, 'नीरज चोपड़ा क्लासिक' को लॉन्च करने में अहम भूमिका निभाई।
CEO के तौर पर, यादव लीग ऑफिस और ISL की स्ट्रैटेजिक, कमर्शियल और ऑर्गनाइज़ेशनल दिशा का नेतृत्व करेंगे और लीग के क्लबों तथा ऑल-इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के साथ मिलकर काम करेंगे। उनकी ज़िम्मेदारियों में लीग की समग्र स्ट्रैटेजी और कमर्शियल दिशा तय करना, क्लबों, ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ संबंध मजबूत करना और साथ ही एक बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला लीग ऑफिस बनाना शामिल होगा, जो प्रतियोगिता के लंबे समय तक विकास और स्थिरता में मदद करे।
यह मॉडल लीग ऑफिस और क्लबों के बीच कमर्शियल स्ट्रैटेजी, पार्टनरशिप, ब्रॉडकास्ट, फैन एंगेजमेंट और प्रतियोगिता के विकास के मामले में बेहतर तालमेल के अवसर भी पैदा करता है। यादव इस कोशिश की अगुवाई करेंगे और क्लबों के साथ मिलकर एक मज़बूत लीग रणनीति बनाएंगे, साथ ही भारतीय फ़ुटबॉल के बड़े इकोसिस्टम में ISL की स्थिति को और मज़बूत करेंगे। रिलीज़ के अनुसार यादव ने कहा, "ISL एक अहम नए दौर में प्रवेश कर रहा है, और मैं भविष्य की रूपरेखा तैयार करने में मदद करने के अवसर को लेकर उत्साहित हूँ। क्लब-आधारित मॉडल हमें क्लबों और ISL की मैनेजिंग कमिटी के साथ काम करने के लिए एक मज़बूत आधार देता है, जिसमें लीग और भारतीय फ़ुटबॉल के लिए एक साझा लक्ष्य है। हमारा ध्यान एक मज़बूत और असरदार लीग ऑफ़िस बनाने, लीग के कमर्शियल और ब्रॉडकास्ट प्रस्ताव को मज़बूत करने, फ़ैन्स के साथ इसके जुड़ाव को गहरा करने और ऐसा माहौल बनाने पर होगा जहाँ क्लब टिकाऊ ढंग से विकास कर सकें। आख़िरकार, हम एक ऐसी लीग बनाना चाहते हैं जो ज़्यादा मज़बूत हो, ज़्यादा जुड़ी हुई हो और भारतीय फ़ुटबॉल को आगे ले जाने में सक्षम हो।"
यादव के लिए, यह नियुक्ति उनके फ़ुटबॉल करियर का एक पूरा चक्र पूरा करती है। एक उत्साही फ़ैन और लेखक के तौर पर फ़ुटबॉल पब्लिकेशन बनाने से लेकर प्रोफ़ेशनल स्पोर्ट के कमर्शियल और ऑपरेशनल पहलुओं पर काम करने तक, अब वे भारतीय फ़ुटबॉल के केंद्र में लीडरशिप की भूमिका में खेल में वापस आ रहे हैं। यादव ISL के नए क्लब-आधारित लीग ऑफ़िस स्ट्रक्चर के तहत पहले CEO बने हैं और लीग के विकास के एक अहम मोड़ पर ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी नियुक्ति कमर्शियल, ऑपरेशनल और स्टेकहोल्डर लीडरशिप को एक साथ लाती है, ऐसे समय में जब ISL भारतीय फ़ुटबॉल में अपने स्ट्रक्चर और लक्ष्यों को मज़बूत कर रहा है।