भारत और नॉर्वे ने पर्यावरण और जलवायु के क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-09-2026
India, Norway reaffirm commitment to strengthening environmental and climate cooperation
India, Norway reaffirm commitment to strengthening environmental and climate cooperation

 

ओस्लो [नॉर्वे]
 
भारत और नॉर्वे ने ओस्लो में पर्यावरण पर संयुक्त कार्य समूह की 12वीं बैठक की। इसमें समुद्री प्रदूषण, पर्यावरण अनुसंधान, प्लास्टिक और रासायनिक प्रदूषण, कचरा रीसाइक्लिंग और महासागर प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई। नॉर्वे में भारतीय दूतावास के एक बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के तहत पर्यावरण और जलवायु सहयोग को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया।
 
बैठक की जानकारी देते हुए भारतीय दूतावास ने कहा, "पर्यावरण पर भारत-नॉर्वे संयुक्त कार्य समूह की 12वीं बैठक 10-11 सितंबर, 2026 को ओस्लो में हुई। भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सचिव श्री तन्मय कुमार ने किया। चर्चा प्लास्टिक प्रदूषण, सर्कुलर इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, उत्सर्जन, कार्बन बाजार और टिकाऊ महासागर प्रबंधन पर केंद्रित थी।"
 
दूतावास ने आगे कहा, "बैठक में समुद्री प्रदूषण, पर्यावरण अनुसंधान, प्लास्टिक और रासायनिक प्रदूषण, कचरा रीसाइक्लिंग और महासागर प्रबंधन में भारत-नॉर्वे के बीच चल रहे सहयोग की भी समीक्षा की गई। चर्चाओं में 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के तहत पर्यावरण और जलवायु सहयोग को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया।" इससे पहले जून में, भारत और नॉर्वे के बीच द्विपक्षीय संपर्क जारी रहा, जिसमें बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं और अपने बहुआयामी संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
 
ये बातचीत भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर और विदेश मंत्रालय में नीति योजना और अनुसंधान की संयुक्त सचिव अपर्णा रे के बीच एक बैठक के दौरान हुई। इस मुलाकात के बारे में नॉर्वेजियन राजदूत ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "MEA की संयुक्त सचिव (नीति योजना और अनुसंधान) अपर्णा रे से मिलकर खुशी हुई। हमने बदलती वैश्विक प्राथमिकताओं और नॉर्वे तथा भारत के बीच बहुआयामी साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। मैं हमारे करीबी सहयोग को जारी रखने के लिए उत्सुक हूं।"
 
मई में द्विपक्षीय संबंधों ने एक अहम पड़ाव हासिल किया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करने के लिए नॉर्वे की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने ओस्लो में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ बैठक की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने इनोवेशन, रिसर्च, शिक्षा, हेल्थकेयर और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर ज़ोर देते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (हरित रणनीतिक साझेदारी) के स्तर तक बढ़ाया।
 
इस यात्रा के बारे में 'X' पर जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट किया, "ओस्लो में प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ सार्थक बातचीत हुई। इस यात्रा की एक मुख्य बात हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' में बदलना था, जिससे क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल ग्रोथ, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग और अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग और मज़बूत होगा। हमने इनोवेशन, रिसर्च, शिक्षा, हेल्थकेयर, स्किल डेवलपमेंट और अन्य क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव बढ़ाने पर भी चर्चा की। यह देखकर खुशी हुई कि नॉर्वे 'इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव' में शामिल हो गया है।"
 
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री स्टोर ने 'बिज़नेस एंड रिसर्च समिट' में हिस्सा लिया, जहाँ भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत के आर्थिक सुधारों के रास्ते पर प्रकाश डाला और क्लीन एनर्जी से जुड़े प्रोजेक्ट्स में नॉर्वे के निवेश को बढ़ावा दिया। यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ़ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ़ मेरिट' से सम्मानित किया गया।