चेन्नई (तमिलनाडु)
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सितंबर में तमिलनाडु पुलिस के साउथ ज़ोन ने हत्या के 17 मामलों में दोषियों को सज़ा दिलवाई; इनमें 50 आरोपी दोषी पाए गए और 46 को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। पुलिस ने इन मामलों में सज़ा दिलाने का श्रेय 'केस ऑफिसर स्कीम' के तहत मुकदमों की बारीकी से निगरानी को दिया। इस सिस्टम के तहत, ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) उन गंभीर मामलों की पहचान करते हैं जिनमें कड़ी निगरानी की ज़रूरत होती है, जबकि नियुक्त अधिकारी अदालती सुनवाई पर नज़र रखते हैं, गवाहों को समय पर समन (बुलावा) पहुँचाना सुनिश्चित करते हैं और पूरे मुकदमे के दौरान सरकारी वकीलों के साथ तालमेल बिठाते हैं।
मदुरै ज़िला भी दो अहम मामलों के साथ इस सूची में शामिल रहा। उसिलमपट्टी में, मुरुगैया को 2018 में घर को लेकर हुए विवाद के बाद अपने जीजा अरिवज़गन की हत्या करने के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। एक अन्य मामले में, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने एक नाबालिग को तीन साल की हिरासत की सज़ा सुनाई। उसे 2016 में उथप्पनाइक्कनूर के पास सरकारी लैपटॉप चुराने की कोशिश के दौरान अपने 16 वर्षीय सहपाठी की हत्या का दोषी पाया गया था। सितंबर के दौरान हत्या के पाँच मामलों में सज़ा दिलाने के साथ तूतीकोरिन ज़िला साउथ ज़ोन में सबसे आगे रहा।
पुलिस ने बताया कि इनमें 2019 का पुथियामपुथुर हत्या का मामला भी शामिल था, जिसमें पाँच आरोपियों को गुरु की हत्या करने, उसका सिर काटने और उसके शव के अवशेषों को एक कुएँ और पत्थर की खदान में फेंकने के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई। हत्या के मामलों के अलावा, POCSO और रेप के 26 मामलों में भी सज़ा दिलाई गई, जिनमें 34 आरोपी शामिल थे। सज़ाओं में एक मौत की सज़ा, दो मामलों में दोहरी उम्रकैद या उससे ज़्यादा की सज़ा, और 11 मामलों में 20 साल या उससे ज़्यादा की जेल की सज़ा शामिल थी।
पुलिस ने यह भी बताया कि सितंबर के दौरान हत्या और POCSO मामलों में 15 हिस्ट्री-शीटर (आदतन अपराधी) दोषी ठहराए गए। इसके अलावा, साउथ ज़ोन पुलिस ने 30 सितंबर तक बड़े पैमाने पर एहतियाती कार्रवाई की जानकारी दी। 6,248 लोगों के खिलाफ सिक्योरिटी-बॉन्ड की कार्यवाही शुरू की गई, जबकि 11,185 आदतन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने 955 हिस्ट्री-शीटरों की ज़मानत रद्द करने की कार्रवाई भी की, 19,488 ग़ैर-ज़मानती वारंट तामील कराए और गुंडा एक्ट के तहत 755 अपराधियों को हिरासत में लिया।