सिकंदराबाद में IAF अधिकारी बनकर घूमने वाला व्यक्ति पकड़ा गया, मामला दर्ज: पुलिस

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 08-10-2026
Man posing as IAF officer apprehended in Secunderabad, case registered: Police
Man posing as IAF officer apprehended in Secunderabad, case registered: Police

 

हैदराबाद (तेलंगाना)
 
पुलिस ने बताया कि सिकंदराबाद में परेड ग्राउंड के पास एक व्यक्ति को पकड़ा गया है, जो खुद को भारतीय वायु सेना का अधिकारी बता रहा था। बेगमपेट पुलिस के अनुसार, "7 अक्टूबर (बुधवार) को दोपहर करीब 1:45 बजे सिकंदराबाद में परेड ग्राउंड के पास एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो खुद को भारतीय वायु सेना का अधिकारी बता रहा था। उसकी पहचान नितेश कुमार पाल के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और अभी हैदराबाद में डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम कर रहा है।" पुलिस ने बताया कि उसे हिरासत में ले लिया गया है और मामला दर्ज कर लिया गया है; आगे की जांच चल रही है। अगस्त में, दिल्ली पुलिस ने एक साइबर अपराधी के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जो तीस हजारी कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज बनकर बार एसोसिएशन के सदस्यों से WhatsApp के ज़रिए पैसे मांग रहा था।
 
वह एक इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल कर रहा था। दिलचस्प बात यह है कि जब वह धोखेबाज़ थाईलैंड से पैसे मांग रहा था, तब संबंधित जज तीस हजारी में कोर्ट की कार्यवाही कर रहे थे। दिल्ली बार एसोसिएशन के एडवोकेट गगनप्रीत सिंह (सीनियर मेंबर एग्जीक्यूटिव) ने 24 अगस्त को मैसेज मिलने के बाद पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने उस WhatsApp नंबर पर वापस कॉल किया और उस व्यक्ति से अपनी पहचान साबित करने को कहा, क्योंकि संबंधित प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज तीस हजारी कोर्ट में कोर्ट की कार्यवाही कर रहे थे।
 
एडवोकेट सिंह ने बताया कि उस व्यक्ति ने कहा कि वह जज है, थाईलैंड में मुश्किल में है और उसे कुछ पैसों की ज़रूरत है। उसने कहा कि वह अपने दूसरे नंबर से कॉल कर रहा है। इसके बाद शिकायतकर्ता उस जज के पास गए जिनका नाम और फ़ोटो गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा था और उन्हें उस धोखेबाज़ द्वारा भेजे गए मैसेज के बारे में बताया। जज को भी यह जानकर हैरानी हुई। सब्जी मंडी पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, इस अकाउंट को चलाने वाला व्यक्ति गैर-कानूनी तरीके से प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के नाम और उनकी ऑफिशियल फ़ोटो का इस्तेमाल 'डिस्प्ले पिक्चर' के तौर पर कर रहा था।
 
FIR में बताया गया है कि वह धोखेबाज़ दिल्ली बार एसोसिएशन के सदस्यों को मैसेज भेजकर गलत बहाने बनाकर पैसे, इमरजेंसी फाइनेंशियल मदद या अनधिकृत ट्रांसफर की मांग कर रहा था। यह धोखाधड़ी न्यायिक अधिकार का गंभीर दुरुपयोग है, इससे न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचता है और यह एक गंभीर खतरा पैदा करती है।
शिकायतकर्ता सिंह ने शिकायत के साथ चैट के स्क्रीनशॉट (जिनमें नकद की मांग और फर्जी प्रोफ़ाइल दिखाई गई थी) और अन्य संबंधित डिजिटल सबूत संलग्न किए।
BNS की धारा 319(2) और 62 के तहत कथित अपराधों के लिए शिकायत दर्ज की गई है और FIR भी दर्ज की गई है।