Fair, non-discriminatory rules apply to satellite communications: Government rejects Musk's allegations
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के इस आरोप पर बृहस्पतिवार को कड़ी आपत्ति जताई कि उनकी कंपनी स्टारलिंक की उपग्रह संचार सेवाओं को रोका जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में उपग्रह संचार के हर लाइसेंसधारक के लिए सुरक्षा मानकों का अनुपालन दिखाना अनिवार्य है।
सरकार ने साथ ही कहा कि उपग्रह सेवाओं समेत सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष और भेदभाव रहित व्यवस्था लागू है।
दूरसंचार मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि यह कहना कि व्यवस्था या इसे लागू करने का तरीका अनुचित या भेदभावपूर्ण है, निराधार और गलत धारणा पर आधारित है।
मस्क ने बुधवार को आरोप लगाया था कि ‘‘कुछ कुलीन कारोबारी’’ भारत में अपनी एकाधिकार स्थिति बनाए रखने के लिए उनकी कंपनी की उपग्रह संचार सेवाओं को रोक रहे हैं।
दूरसंचार मंत्रालय ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया पर भारत की उपग्रह संचार सेवाओं के लिए नियामकीय व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर एक ‘पोस्ट’ प्रसारित हो रही है और इसमें यह संकेत दिया गया है कि इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है।’’