बेंगलुरु
कर्नाटक की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Karnataka Soaps and Detergents Limited (KSDL) ने अभिनेत्री Tamannaah Bhatia को औपचारिक रूप से अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त कर दिया है। इस फैसले के साथ ही राज्य की राजनीति और सोशल मीडिया पर ‘गैर-कन्नड़’ अभिनेत्री को चुने जाने को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष के कुछ नेताओं और संगठनों ने इसे कन्नड़ पहचान से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने इसे पूरी तरह व्यावसायिक निर्णय बताया है।
दो साल के कार्यकाल की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में तमन्ना भाटिया ने KSDL के 57 उत्पादों का अनावरण किया। इस दौरान Mysore Sandal Soap को नए, आधुनिक पैकेजिंग अवतार में पेश किया गया। इसके अलावा चंदन तेल, जैस्मिन-सुगंधित साबुन, परफ्यूम, टूथपेस्ट, नारियल तेल, पेट्रोलियम जेली और ऑर्गेनिक रेंज समेत करीब 60 उत्पादों का पोर्टफोलियो सामने रखा गया। कंपनी की विरासत पर आधारित दो कॉफी-टेबल बुक्स—‘Sugandha Siri’ और ‘Aromatic Journeys’—भी जारी की गईं।
कार्यक्रम में तमन्ना भाटिया ने कहा कि मैसूर सैंडल सिर्फ एक साबुन नहीं, बल्कि भावनाओं, बचपन की यादों और शुद्धता का प्रतीक है। इस प्रतिष्ठित ब्रांड से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है।
वहीं, नियुक्ति पर आलोचना करते हुए भाजपा सांसद K Sudhakar ने सोशल मीडिया पर कड़े शब्दों में सवाल उठाए और कहा कि कर्नाटक की लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेत्रियों को नजरअंदाज किया गया है।
सरकार ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि चयन समिति ने कई नामों पर विचार किया था, लेकिन व्यावसायिक बाध्यताओं और ब्रांड-एंडोर्समेंट टकराव के कारण अंतिम फैसला लिया गया। राज्य के उद्योग मंत्री M B Patil के मुताबिक, मैसूर सैंडल की बिक्री कर्नाटक तक सीमित नहीं है—राज्य में इसकी हिस्सेदारी 8–12% है, जबकि तेलंगाना, उत्तर भारत और अन्य राज्यों में मांग अधिक है। इसलिए ब्रांड की राष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी था।
KSDL प्रबंधन का कहना है कि कंपनी का टर्नओवर इस साल 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने और मुनाफा 500 करोड़ रुपये पार करने की उम्मीद है। साथ ही निर्यात हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।
सरकार का दावा है कि तमन्ना भाटिया की नियुक्ति पहचान नहीं, बल्कि बाजार विस्तार और कारोबार की जरूरतों पर आधारित फैसला है।




