नई दिल्ली।
हिंदी सिनेमा में ‘जय–वीरू’ की दोस्ती आज भी दर्शकों के दिलों में ज़िंदा है। इसी अमर दोस्ती की झलक हाल ही में उस वक्त देखने को मिली, जब महानायक अमिताभ बच्चन ने लोकप्रिय टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) के मंच से अपने जिगरी दोस्त धर्मेंद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यह खास मौका धर्मेंद्र की आख़िरी फ़िल्म इक्किश के प्रचार से जुड़ा था, जिसके लिए अमिताभ बच्चन एक विशेष कार्यक्रम की मेज़बानी करने जा रहे हैं।
हाल ही में इस विशेष एपिसोड का प्रोमो जारी किया गया है, जिसमें अमिताभ बच्चन अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक नज़र आते हैं। प्रोमो में साफ़ झलकता है कि धर्मेंद्र के साथ उनकी दोस्ती केवल पर्दे तक सीमित नहीं रही, बल्कि निजी जीवन में भी दोनों एक-दूसरे के बेहद क़रीब रहे हैं। यह वही दोस्ती है, जिसने कभी शोले में ‘जय’ और ‘वीरू’ को भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार जोड़ी बना दिया था।
फ़िल्म ‘इक्किश’ के प्रचार के लिए इस विशेष कार्यक्रम में निर्देशक श्रीराम राघवन, अभिनेता जयदीप अहलूवालिया और अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा भी शामिल हुए। यह फ़िल्म नए साल में रिलीज़ होने जा रही है और इसे धर्मेंद्र के सिनेमा करियर की आख़िरी फ़िल्म बताया जा रहा है।
पुरानी यादों को साझा करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा,“फ़िल्म ‘इक्किश’ हम सबके लिए एक अनमोल धरोहर है। धर्मेंद्र केवल मेरे मित्र नहीं, बल्कि मेरे परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम क्षण तक कला और अभिनय को जिया। धर्मेंद्र कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक भावना हैं—और भावनाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं, वे जीवन भर हमारे साथ रहती हैं।”
कार्यक्रम के दौरान निर्देशक श्रीराम राघवन ने कहा कि धर्मेंद्र जैसे दिग्गज कलाकार के साथ काम करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि ‘इक्किश’ को निर्देशित करना उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं अभिनेता जयदीप अहलूवालिया ने धर्मेंद्र की सादगी और विनम्रता की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े सुपरस्टार होने के बावजूद उनमें अहंकार का नामोनिशान नहीं था और वे हर किसी से बेहद अपनापन रखते थे।
कुल मिलाकर, केबीसी का यह विशेष एपिसोड न केवल ‘इक्किश’ के प्रचार का मंच बना, बल्कि हिंदी सिनेमा की दो महान हस्तियों—अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र—की दोस्ती, सम्मान और भावनात्मक रिश्ते का एक यादगार दस्तावेज़ भी साबित हुआ।






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