मौसम बदलने पर शरीर में सूजन? इन 3 खाद्य पदार्थों को डाइट में करें शामिल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 06-10-2026
Swelling in the body due to changing weather? Include these 3 foods in your diet.
Swelling in the body due to changing weather? Include these 3 foods in your diet.

 

मौसम में बदलाव के साथ कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जोड़ों में अकड़न, मांसपेशियों में दर्द, बार-बार सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं इस दौरान आम हो सकती हैं। तापमान में गिरावट के साथ कुछ लोगों में शरीर की सूजन और दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है।

ऐसे में खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक सूजनरोधी यानी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से शरीर में सूजन को नियंत्रित करने, पाचन बेहतर रखने और सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

1. हल्दी

हल्दी भारतीय रसोई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें करक्यूमिन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

मौसम बदलने के दौरान हल्दी को दाल, सब्जी, सूप या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। हल्दी वाला गर्म दूध भी एक लोकप्रिय विकल्प है।

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन का शरीर में अवशोषण अपेक्षाकृत कम होता है। काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन इसके अवशोषण को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसलिए भोजन में हल्दी के साथ थोड़ी काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. अदरक

अदरक में जिंजरोल जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं। इसमें सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। अदरक का सेवन मांसपेशियों और जोड़ों से जुड़ी हल्की परेशानी तथा पाचन संबंधी समस्याओं में मददगार हो सकता है।

ताजे अदरक को सब्जी, दाल, सूप या करी में डाला जा सकता है। अदरक की चाय भी इसका आसान विकल्प है। इसमें स्वाद के लिए नींबू मिलाया जा सकता है।

भोजन के बाद अदरक का सेवन कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी को कम करने में भी मदद कर सकता है।

3. तैलीय मछली

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी तैलीय मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं। ओमेगा-3 शरीर में सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। यह हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

चूंकि शरीर पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए इसे आहार के जरिए प्राप्त करना जरूरी है। मछली खाने वाले लोग अपने भोजन में तैलीय मछली को संतुलित मात्रा में शामिल कर सकते हैं। इसे तलने के बजाय ग्रिल या बेक करके खाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

खान-पान के साथ संतुलन भी जरूरी

हल्दी, अदरक और ओमेगा-3 से भरपूर मछली को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि, केवल इन खाद्य पदार्थों के सेवन से सूजन या किसी बीमारी का इलाज नहीं किया जा सकता।

अगर शरीर में लगातार सूजन, जोड़ों में दर्द, पेट फूलना, असामान्य दर्द या अन्य लक्षण बने हुए हैं, तो इसके पीछे किसी स्वास्थ्य समस्या का कारण भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।