खास खबर: सर्दियों में मेवाती लाल-पीला तरबूज का कमाल, दिल्ली-एनसीआर में मचा रहा धमाल

Story by  यूनुस अल्वी | Published by  [email protected] • 2 Months ago
खास खबर: सर्दियों में मेवाती लाल-पीला तरबूज का कमाल, दिल्ली-एनसीआर में मचा रहा धमाल
यूनुस अलवी / मेवात (हरियाणा )

सर्दी के मौसम में आम तौर से लोकल तरबूज बाजार से गायब रहते हैं. मगर इस बार दिल्ली-एनसीआर फल मंडी का नजारा कुछ खास है. इस मौसम में मेवात के लाल-पीले तरबूज पूरे दिल्ली-एनसीआर में छाए हुए हैं. 

इसके किसान 25 हजार रूपये खर्च करके एक एकड़ में करीब ढ़ाई लाख का मुनाफा अर्जित कर रहे हैं. दिल्ली से सटे हरियाणा के नूंज जिला के बागवानी विभाग की निगरानी में मेवात में पहली बार सर्दी के मौसम में गांव खोड़बसी में किसान हकमुद्दीन ने तीन एकड़ जमीन में तरबूज लगाया है.
 
उन्होंने दो एकड़ में लाल किस्म और एक एकड़ में पीले किस्म का तरबूज बोया था, जो अब फल देने लगा है. अगले वर्ष मेवात के नूंह जिले के 50 किसान करीब 125 एकड़ में तरबूज की फसल लगाने की तैयार कर रहे हैं.
 
 आम दिनों में तरबूज काला रंग लिए तरबूज दिखाई देते हैं. मगर सर्दी के मौसम में पैदा होने वाले ये तरबूज अंदर से लाल व पीला रंग के होते हैं. जिसकी मिठास और रंग को देखकर हर कोई इसकी तारीफ किए नहीं रहता. 
 
आसपास के किसान और ग्रामीण हकमुद्दीन के गांव खोड़बसी स्थित खेत पर पहुंचकर लाल-पीले रंग के तरबूज का जायका ले रहे हैं. इतना ही नहीं किसान हकमुद्दीन का तरबूज गुरूग्राम और दिल्ली की मंडियों में हाथों-हाथ करीब 50 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है.
 
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क्या कहते हैं किसान
    
किसान हकमुद्दीन ने बताया कि उन्हांेने तीन एकड़ खेत में अगस्त में बेमौसी तरबूज की तीन किस्में लगाई थीं. अब तक वह करीब 6 लाख रूपये कमा चुके हैं. हकमुद्दीन का कहना है कि करीब चार साल से तरबूज उगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हं. बागवानी विभाग की ओर से उसे पूरा सहयोग मिल रहा है.
 
क्या कहते हैं ग्रामीण
   
गांव गजरपुर के पूर्व सरपंच एवं किसान अलताफ ने बताया कि पहले उन्होंने सुना था कि सर्दी के मौसम में तरबूज नहीं हो सकता और कोल्ड स्टोरेज से ही इन दिनों में विवाह-शादियों में तरबूज लाए जाते हैं.
 
उन्होंने कहा कि किसान के लिए अच्छा पैसा कमाने का एक मौका है. वह भी अपने खेत में ऐसे तरबूत लगाएंगे. इससे किसानों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है. उन्हांेने कहा सर्दी के मौमस का तरबूज बहुत ही मीठा होता है.
 
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क्या कहते हैं जिला बागवानी अधिकारी

जिला बागवानी अधिकारी डॉक्टर दीन मोहमद ने बताया कि एक एकड़ तरबूज की फसल उगाने पर करीब 50 हजार का खर्चा आता है.इसमें से 25 हजार उनका विभाग बतौर सब्सिडी किसान को देता है.
 
यह अगस्त में लगाया जाता है, जो नवंबर के मध्यम में तैयार हो जाता है. तरबूज की फसल के बाद किसान अपने खेतों में टमाटर की भी पैदावार ले सकता है. टमाटर के बाद भिंडी, हरी मिर्च, घीया आदि की फसल भी आसानी से लगाया जा सकता है.
 
मेवात के किसानों को यह तकनीक काफी रास आ रही है. आने वाले समय में नूंह जिले में 50 किसान करीब 125 एकड़ खेतों में सर्दी के सीजन का तरबूज बोने जा रहे हैं. आने वाले समय में मेवात के सर्दी का तरबूज पूरे दिल्ली और एनसीआर में अपनी पकड़ बना लेगा.