Day of Arafah इस्लाम में बेहद अहम और बरकत वाला दिन माना जाता है। यह ज़िलहिज्जा महीने की 9वीं तारीख को आता है और हज का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है।

इस दिन हज करने वाले मुसलमान सऊदी अरब के मैदान-ए-अरफात में इकट्ठा होकर दुआ और इबादत करते हैं।

इस्लामी मान्यता के अनुसार, अरफा का दिन गुनाहों की माफी और रहमत का दिन माना जाता है।

जो लोग हज पर नहीं होते, उनके लिए इस दिन रोज़ा रखना बेहद सवाब का काम बताया गया है।

हदीस के मुताबिक, अरफा के दिन का रोज़ा पिछले और आने वाले एक साल के गुनाहों की माफी का जरिया बनता है।

माना जाता है कि इसी दिन पैगंबर हज़रत मोहम्मद ﷺ ने अपना आखिरी ख़ुत्बा (विदाई संदेश) दिया था।

मुसलमान इस दिन खास तौर पर दुआ, तौबा, कुरआन की तिलावत और अल्लाह की इबादत में वक्त बिताते हैं।

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