मुहर्रम के महीने में खिचड़ा बनाने की परंपरा का संबंध खास तौर पर इमाम हुसैन और कर्बला की घटना की याद से जुड़ा माना जाता है।

यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है, जो भारत, पाकिस्तान और दक्षिण एशिया के कई मुस्लिम समुदायों में प्रचलित है।

खिचड़ा गेहूं, दाल और मांस जैसी कई चीजों को मिलाकर बनाया जाता है, जो साझेदारी, एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।

मुहर्रम के दौरान इसे नज़र-नियाज़ के रूप में तैयार कर लोगों में बांटा जाता है।

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