भगवान विष्णु की पूजा और कृपा पाने के लिए मनाई जाती है।
पापों से मुक्ति और आत्मशुद्धि के लिए यह व्रत रखा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से सुख-समृद्धि मिलती है।
अपरा एकादशी को “अचला एकादशी” भी कहा जाता है।
इस दिन उपवास, पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।
माना जाता है कि इसका पुण्य बड़े यज्ञ और तीर्थ यात्रा के बराबर होता है।
यह व्रत मानसिक शांति और अच्छे कर्मों की प्रेरणा देता है।