अहम और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को दुश्मन की नजर से बचाना.
जोखिम वाली जगहों को खाली कराना और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक ले जाने का अभ्यास करना.
हवाई हमले की चेतावनी देने का सायरन बजाया जाएगा.
मॉक ड्रिल के वक्त ब्लैकआउट यानी बत्तियां बुझाकर अंधेरा किया जाएगा.
आम नागरिकों को हमले के वक्त बचाव से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी.
छात्रों और सिविल डिफेंस को ट्रेनिंग दी जाएगी, आपात स्थिति में सुरक्षा की तैयारी परखी जाएगी.
कंट्रोल रूम के संचार उपकरणों को जांचा जाएगा, महत्वपूर्ण सुरक्षा ढांचों को छिपाया जाएगा.
हिन्दू-मुसलामानों को जोड़ता है केसर