13 साल की उम्र में शुरू की नौकरी
परिवार की आर्थिक हालत खराब होने के बाद नाना ने महज 13 साल की उम्र में काम शुरू कर दिया था। वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क पर ज़ेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करते थे। उन्हें करीब 35 रुपये और एक वक्त का खाना मिलता था।
रोज 16 किलोमीटर पैदल चलते थे
काम के लिए वह रोज करीब 8 किलोमीटर पैदल जाते और 8 किलोमीटर वापस आते थे। यानी लगभग 16 किलोमीटर का सफर।
‘प्रहार’ के लिए तीन साल की आर्मी ट्रेनिंग
फिल्म ‘प्रहार’ के लिए नाना ने करीब तीन साल तक सेना के साथ कठोर ट्रेनिंग ली थी। बाद में उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी मिली।
फिल्मों में आने में स्मिता पाटिल का बड़ा हाथ
नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि स्मिता पाटिल उन्हें फिल्मों में लेकर आई थीं। दोनों थिएटर से जुड़े हुए थे।
स्टार बनने के बाद भी सादा जीवन
करोड़ों की कमाई के बावजूद नाना अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उन्हें खाना बनाना बेहद पसंद था और वह अपने दोस्तों व फिल्म की पूरी टीम के लिए खाना तक बनाया करते थे।