अरुणा आसफ अली — 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में तिरंगा फहराया और अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन का प्रतीक बन गईं।

उषा मेहता की गुप्त रेडियो सेवा — उन्होंने भूमिगत कांग्रेस रेडियो के जरिए आंदोलनकारियों तक संदेश पहुंचाए।

उषा मेहता की गुप्त रेडियो सेवा — उन्होंने भूमिगत कांग्रेस रेडियो के जरिए आंदोलनकारियों तक संदेश पहुंचाए।

बिरसा मुंडा की विरासत — उनके आंदोलन ने आदिवासी समाज में ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रतिरोध की मजबूत नींव रखी।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

कनकलता बरुआ — असम की युवा स्वतंत्रता सेनानी तिरंगा लेकर पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ीं और शहीद हो गईं।

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