राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था। फिल्मों में आने से पहले उनका नाम बदलकर राजेश खन्ना रखा गया।
1965 में उन्होंने फिल्मफेयर-यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स टैलेंट हंट जीता, जिसके बाद उन्हें फिल्मों में पहला बड़ा मौका मिला।
राजेश खन्ना ने लगातार 15 हिट फिल्में देकर बॉलीवुड में ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे आज भी बेहद खास माना जाता है।
उन्होंने अभिनेता राजेंद्र कुमार का बंगला खरीदकर उसका नाम 'आशीर्वाद' रखा। यह बंगला उनके सुपरस्टार बनने की पहचान बन गया।
फिल्म 'आनंद' में अभिनय के लिए उन्होंने पारंपरिक फीस लेने के बजाय फिल्म के वितरण अधिकारों में हिस्सा लिया था।
दौसा के बांदीबुई के फ़िरोज़ रामायण और महाभारत के पात्रों का प्रतीक हैं।