महेश भट्ट से मिलने के लिए संघर्ष: शुरुआती दौर में मुश्ताक खान के पास अपना फोन तक नहीं था। वह एक किराने वाले को 1 रुपये प्रति मैसेज देकर महेश भट्ट तक पहुंचने की कोशिश करते थे।
सलमान खान के पिता सलीम खान की मदद: सलीम खान की सिफारिश के बाद मुश्ताक की महेश भट्ट से मुलाकात हो सकी और उन्हें कब्जा में काम मिला।
‘Welcome’ का यादगार किस्सा: फिल्म में बल्लू के किरदार और नकली पैर वाली उनकी कॉमिक कहानी आज भी दर्शकों को याद है।
सिर्फ कॉमेडी नहीं: मुश्ताक खान ने Aashiqui, Gadar, Hera Pheri, Jodi No. 1, Welcome जैसी फिल्मों के साथ गंभीर और सपोर्टिंग रोल भी किए।
चार दशक से ज्यादा का सफर: 1980 में Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai से शुरू हुआ उनका फिल्मी सफर कई पीढ़ियों तक चला।