सोमनाथ में पीएम मोदी: आस्था, विरासत और भारत की अमर चेतना

वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने का सौभाग्य मिला

11 मई को वे पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ में शामिल होंगे

सोमनाथ को भारत की अटूट आस्था, साहस और सभ्यता का प्रतीक बताया गया

मंदिर ने सदियों के आक्रमण और संघर्षों के बाद भी अपनी पहचान बनाए रखी

राजा भोज, अहिल्याबाई होल्कर और सरदार पटेल जैसे महान व्यक्तित्वों का योगदान याद किया गया

1947 में सरदार पटेल ने सोमनाथ पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक संकल्प लिया था

1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का लोकार्पण कर इतिहास रचा

‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र के तहत देशभर के तीर्थस्थलों का विकास किया जा रहा है

सोमनाथ आज भी भारत की साझा संस्कृति, एकता और चेतना का प्रतीक बना हुआ है

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सोमनाथ धाम की यात्रा कर इसकी भव्यता अनुभव करने का आग्रह किया

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