सीने में जो आग देश के नाम की जलाए,
वही सिपाही हर मुश्किल से टकराए।
मिट्टी की खुशबू रग-रग में समाई है,
इस वर्दी ने ही हमें पहचान दिलाई है।
सरहद पर जो मुस्कान छुपाए खड़ा है,
वो ही असली हीरो, वो ही फौलाद बना है।
नींद अपनी कुर्बान कर जो जागता है,
देश चैन से सोए, बस यही चाहता है।
ना डर है मौत का, ना फिक्र अंजाम की,
कसम खाई है रक्षा करने हिंदुस्तान की।
गोली से नहीं, हौसलों से लड़ते हैं हम,
तिरंगे के लिए हर जंग जीतते हैं हम।
हर सांस में वतन, हर धड़कन में शान,
ऐसे ही बनता है सच्चा हिंदुस्तान।
सरहद पर खड़ा जवान जब मुस्कराता है,
पूरा देश खुद को सुरक्षित पाता है।
खामोशी में भी जिनकी दहाड़ सुनाई दे,
वो हैं हमारे सिपाही, जिन पर दुनिया नाज़ करे।