ऐ मेरे वतन के लोगों

लग जा गले

आज फिर जीने की तमन्ना है

लुका छुपी

तेरे बिना ज़िंदगी से कोई

प्यार किया तो डरना क्या

लुक्का छुपी

नैनों में बदरा छाए

अजीब दास्तां है ये

मोहे पनघट पे

सीमा पर नई चुनौतियों का सामना करने के लिए 599 Trainees पास हो रहे हैं

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