लता मंगेशकर ने अपने करियर में 36 से ज्यादा भाषाओं में गाने गाए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
उन्हें करीब पाँच दशकों तक हिंदी फिल्म संगीत की सबसे बड़ी आवाज़ माना गया।
एक समय ऐसा भी आया जब उनकी पतली आवाज़ को लेकर उन्हें काम देने से मना कर दिया गया, लेकिन वही आवाज़ आगे चलकर उनकी पहचान बनी।
लता जी रिकॉर्डिंग से पहले गीत के बोल और भाव को गहराई से समझती थीं, तभी उनके गाने सीधे दिल तक पहुंचते थे।
“ऐ मेरे वतन के लोगों” गाना उन्होंने बिना किसी मेहनताने के गाया था, यह उनका देशप्रेम दर्शाता है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि वह मंच पर बोलने से झिझकती थीं और लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती थीं।
लता मंगेशकर ने कभी शादी नहीं की, उन्होंने संगीत को ही अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उन्हें भारत रत्न समेत देश के लगभग सभी बड़े सम्मान मिले।