जन्म 11 अप्रैल 1869 को पोरबंदर में हुआ।
महात्मा गांधी की पत्नी होने के साथ स्वतंत्रता संग्राम की सक्रिय सहयोगी रहीं।
सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दक्षिण अफ्रीका में भी भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
कई बार ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन में जेल गईं।
महिलाओं को जागरूक करने और समाज सुधार में योगदान दिया।
सादगी, त्याग और सेवा की मिसाल मानी जाती हैं।
1944 में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है।