• झूठ बोलने से बचें, क्योंकि झूठ रोज़े की रूह को कमजोर कर देता है और इंसान के किरदार पर बुरा असर डालता है।

• गाली-गलौज और बदज़बानी बिल्कुल न करें। रोज़ा सिर्फ भूखा रहने का नाम नहीं, बल्कि अपनी ज़ुबान पर काबू रखने का भी नाम है।

• गुस्सा करने और लड़ाई-झगड़ा करने से दूर रहें। अगर कोई बहस करे तो सब्र से काम लें और माहौल को खराब न होने दें।

• चुगली और पीठ पीछे बुराई (ग़ीबत) न करें। ये ऐसे गुनाह हैं जो रोज़े का सवाब कम कर देते हैं।

• धोखा, बेईमानी या गलत काम न करें। रोज़ा ईमानदारी और सच्चाई की सीख देता है।

• जानबूझकर रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ें न करें, जैसे खाना-पीना या किसी भी तरह से रोज़े की शर्तों का उल्लंघन।

• फालतू और बेकार की बातों में समय बर्बाद न करें। रोज़े का वक्त इबादत और अच्छे कामों के लिए है।

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