उन्होंने हिंदी फिल्म संगीत को यादगार धुनें दीं।
उनके गीतों में भारतीय संस्कृति और मधुरता की झलक मिलती थी।
उन्होंने अपने संगीत से पुराने दौर के सिनेमा को खास पहचान दिलाई।
नई पीढ़ी को भारतीय फिल्म संगीत की विरासत से परिचित कराने के लिए भी उनका स्मरण किया जाता है।
इकबाल कुरैशी का नाम उन संगीतकारों में गिना जाता है जिन्होंने बिना ज्यादा शोहरत के भी भारतीय संगीत में अमिट छाप छोड़ी।
सीमा पर नई चुनौतियों का सामना करने के लिए 599 Trainees पास हो रहे हैं