कौन बनेगा सैकड़ापति हुआ वायरल: क्यों हर कोई देखना चाहता है शिक्षक जावेद आलम का स्कूल ?

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari • 2 Months ago
कौन बनेगा सैकड़ापति क्विज प्रोग्राम हुआ वायरल: शिक्षक जावेद आलम से प्रसिद्ध हुआ स्कूल
ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली 
 
उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की अत्यंत प्रशंसनीय खबर महाराजगंज से सामने आई , जिसमें विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को लेकर शिक्षक का समर्पण साफ नजर आ रहा है. दरअसल, निचलौल तहसील के प्राथमिक विद्यालय, रौतार के एक सहायक अध्यापक जावेद आलम ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तर्ज पर विद्यालय में ‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ कार्यक्रम का आयोजन किया.

इसकी खबर सोशल मीडिया में आने के बाद लोग शिक्षक की काफी प्रशंसा कर रहे हैं.
 
 
‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ का उद्देश्य विद्यालय में बच्चों को हिंदी अंग्रेजी, गाणित और विज्ञान विषय के जानकारी के साथ-साथ खेल-खेल में उच्चस्तरीय जानकारियां देना है.
 
सरकारी स्कूल के एक शिक्षक के द्वारा छात्रों के शिक्षा के स्तर में सुधार लाने का यह नायाब प्रयास है. यहां टीचर बच्चों को मशहूर टीवी सीरियल ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तरह ही ‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ में हॉट सीट पर बैठाकर उनके सब्जेक्ट और जनरल नॉलेज के सवाल पूछते हैं. सही जवाब बताने पर 10 से 100 रुपये तक की धनराशि भी देते हैं.
 
 
शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के कई प्रयास सामने आते हैं, जिसमें शिक्षकों का भी काफी योगदान रहता है. कुछ ऐसा ही प्रयास महराजगंज जिले के एक सरकारी स्कूल के शिक्षकों द्वारा देखा जा रहा है.
 
यहां टीचर बच्चों को मशहूर टीवी सीरियल “कौन बनेगा करोड़पति” के तर्ज पर हॉट सीट पर बैठाकर उनके सब्जेक्ट और जनरल नॉलेज के सवाल पूछते हैं. सही जवाब बताने पर धनराशि भी देते हैं.
 
 
10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का है इनाम
‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ में शिक्षक बच्चों से सवाल पूछते हैं. सही जवाब देने पर 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का इनाम दिया जाता है.
 
इसके साथ ही विद्यालय के क्लासरूम में ‘जादू’ भी आता है, जो बच्चों से सवाल-जवाब करता है. शिक्षक के इस प्रयास से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही उनका बौद्धिक विकास और ज्ञान भी बढ़ रहा है.

बीसीए आशीष सिंह भी इस हॉट सीट पर बैठे
बीएसए आशीष सिंह स्कूल का निरीक्षण करने आए थे, तो शिक्षक जावेद ने उनको भी ‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ के हॉट सीट पर बैठाया. उनसे प्रश्न पूछे. जिसमें सभी प्रश्नों का सही उत्तर देकर बीएसए ने 100 रुपये जीते.
 
इस दौरान उन्होंने बच्चों को और बेहतर करने की बात कही. उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.
 
 
दो टीचरों ने मिलकर किया प्रयास, हुआ कमाल!
 
मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में इस पूर्व प्राथमिक विद्यालय का भवन बना था. कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया. साल 2021 में इस विद्यालय की शुरुआत हुई.
 
यहां दो शिक्षकों जावेद आलम और सुमित कुमार पटेल की तैनाती हुई. दोनों शिक्षकों ने जंगल से सटे पिछड़े इलाके में स्थित इस स्कूल के बच्चों को कुछ नए प्रयोग के माध्यम से पढ़ाने और सिखाने के बारे में सोचा. इसके बाद दोनों शिक्षकों ने मिलकर नए-नए प्रयोग किए. खेल, कॉमेडी और ‘कौन बनेगा सैकड़ापति’ के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास शुरू किया.
 
 
कभी वीडियो के माध्यम से बच्चों को गाना गाकर कुछ सीखना हो या चित्र बनाकर सूर्यग्रहण का मतलब समझाना हो या फिर हो देश से जुड़ी अहम जानकारियां. सब कुछ विद्यालय में बच्चों में सिखाया जाता है.
 
बच्चों में खोज परक और उच्च शिक्षा की सीख देने और सिखाई गई जानकारियों को परखने के लिए गुरु जावेद आलम के इस प्रयास की चारों ओर काफी प्रशंसा हो रही है.