आयरा चिश्ती वर्ल्ड जूनियर वुशु चौंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] • 2 Months ago
आयरा चिश्ती वर्ल्ड जूनियर वुशु चौंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी
नकुल शिवानी /नई दिल्ली

श्रीनगर की वुशु वंडरगर्ल आयरा चिश्ती 3 से 11 दिसंबर तक इंडोनेशिया के बैंटन प्रांत में होने वाली वर्ल्ड जूनियर वुशु चौंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी.

भारतीय टीम में अपने चयन के साथ, आयरा इस आयोजन के इतिहास में देश के लिए खेलने वाली जम्मू और कश्मीर की पहली लड़की बन गई हैं.
 
आवाज द वॉयस से बात करते हुए आयरा विश्व चौंपियनशिप में भाग लेने की संभावना से उत्साहित लगीं. उन्होंने कहा, यह तो सपने का सच होना है. मैं अपनी भावनाओं की व्याख्या नहीं कर सकती. यह बहुत संघर्ष के बाद आया है.
 
अक्टूबर में मेरठ में एक कठोर चयन परीक्षण प्रक्रिया के बाद आयरा का चयन हुआ. ट्रायल्स के दौरान उन्होंने देश भर के प्रतियोगियों को हराकर अंततः भारतीय टीम में जगह बनाई.
 
आयरा ने कहा,हरियाणा की लड़की सबसे कठिन थी. लेकिन मैं दृढ़ निश्चयी थी, और बाउट में निर्णायक मौकों पर अपने कोच के मार्गदर्शन से, मैं उसे हराने में कामयाब रही.
 
अमीरा कदल हायर सेकेंडरी स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा 17 वर्षीय आयरा हाल ही में जॉर्जिया में वुशु चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियों में आई थी.
अपनी जुड़वां अंसा के साथ, वह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इनडोर स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर के वुशु खिलाड़ी आसिफ हुसैन के तहत प्रशिक्षण लेती हैं.
 
आयरा ने श्रीनगर में अपने अभ्यास सत्र के एक ब्रेक के दौरान कहा, मैं वास्तव में अपने कोच, आसिफ सर, मेरे माता-पिता की शुक्रगुजार हूं, जो हमेशा मेरे लिए कोई भी त्याग करने को तैयार रहते हैं.
 
रईस चिश्ती, उनके पिता, जो उनकी अब तक की यात्रा के सबसे मजबूत स्तंभ रहे हैं, विश्व चौंपियनशिप के लिए अयरा के इंडोनेशिया जाने की संभावना से समान रूप से उत्साहित हैं.
 
आयरा ने कहा, सालों की मेहनत रंग लाई है. उसे अब वहां पदक जीतना चाहिए. उन्होंने अपनी बेटी की जकार्ता की आरामदायक यात्रा के लिए अंतिम समय की व्यवस्था करते हुए यह बातें कहीं.
 
आयरा 48 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी और वर्तमान में अपने वजन के भीतर ठीक रहने के लिए अपने आहार के बारे में अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं. वह अपने कार्ब सेवन पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रोटीन युक्त आहार ले रही हैं. आयरा हंसते हुए कहती हैं, अच्छा खाना इंतजार कर सकता है.
 
इस कश्मीरी लड़की को विश्व मंच पर अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा है. आयरा ने कहा, मैंने अपने चयन का जश्न नहीं मनाया. जश्न तब होगा जब मैं इंडोनेशिया से स्वर्ण पदक लेकर वापस आऊंगी.
 
2008 चौंपियनशिप की मेजबानी करने के बाद इंडोनेशिया दूसरी बार इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है. यह द्विवार्षिक आयोजन का आठवां संस्करण है, जो वर्ष 2006 में शुरू हुआ था.