आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने बुधवार को उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें पिनराई विजयन के आवासों पर प्रवर्तन निदेशालय के छापों को ‘‘कांग्रेस-भाजपा अभियान’’ बताया गया। उन्होंने दावा किया माकपा की ही भाजपा के साथ साझेदारी थी।
चेन्निथला ने संवाददाताओं से कहा कि माकपा को यह बताना होगा कि भाजपा के साथ उनकी ‘‘साझेदारी’’ क्यों टूटी, जिसके चलते प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई हुई।
उन्होंने माकपा के उस दावे को भी नकार दिया कि यह छापेमारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की एक दिन पहले हुई मुलाकात का नतीजा है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और केरल के मुख्यमंत्री के बीच मुलाकात राज्य के हित में जरूरी थी और यह सामान्य सरकारी कामकाज का हिस्सा है।
उन्होंने याद दिलाया, ‘‘जब पिनराई विजयन मुख्यमंत्री थे, तब वह खुद कितनी बार प्रधानमंत्री से मिले थे।’’
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को छापों से जोड़ने की कोई जरूरत नहीं है।
चेन्निथला ने माकपा के इस आरोप को भी ‘‘घिसा-पिटा राग’’ बताया कि छापे कांग्रेस व भाजपा की मिलीभगत का नतीजा हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘(हमें) इसकी कोई जरूरत नहीं है। कांग्रेस, भाजपा और माकपा का रुख सब जानते हैं। मैं बस यह पूछना चाहता हूं कि साझेदारी करने वालों का क्या हुआ? माकपा और भाजपा की साझेदारी थी, उनके बीच सबसे गहरा रिश्ता था। उन्हें लोगों को बताना चाहिए कि वह साझेदारी कैसे और क्यों टूटी।’’
चेन्निथला ने यह भी स्पष्ट किया कि केरल के गृह विभाग और पुलिस को प्रवर्तन निदेशालय की इस छापेमारी की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।
इस बीच, भाजपा नेता शोन जॉर्ज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को कथित सीएमआरएल मासिक भुगतान मामले में गिरफ्तार किया जाएगा और जेल भेजा जाएगा।
उन्होंने माकपा के वरिष्ठ नेता और उनकी बेटी टी. वीणा दोनों को इस मामले में ‘‘दोषी’’ करार दिया।
जॉर्ज इस मामले से जुड़ी कानूनी लड़ाई में भी शामिल रहे हैं।