पश्चिम बंगाल: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद और APCR के प्रतिनिधिमंडल ने तोपसिया समेत कई जिलों का दौरा किया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 09-06-2026
West Bengal: Delegations from Jamaat-e-Islami Hind and APCR visited several districts, including Topsia.
West Bengal: Delegations from Jamaat-e-Islami Hind and APCR visited several districts, including Topsia.

 

नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद उत्पन्न हालात का जायजा लेने के लिए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) और एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने तोपसिया सहित कई क्षेत्रों में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

प्रतिनिधिमंडल में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान, APCR के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष डॉ. मसीह-उर-रहमान तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। दौरे का उद्देश्य चुनाव के बाद जमीनी परिस्थितियों का आकलन करना और प्रभावित लोगों से सीधे संवाद स्थापित करना था।

तोपसिया में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चिंता

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से कोलकाता के तोपसिया इलाके का दौरा किया, जहां चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद कथित तौर पर बुलडोजर कार्रवाई की कोशिश की गई थी। स्थानीय विरोध और अदालत द्वारा दिए गए स्थगन आदेश (स्टे) के बाद यह कार्रवाई फिलहाल रुकी हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, यदि प्रस्तावित कार्रवाई आगे बढ़ती है तो लगभग 15,000 लोगों के विस्थापन और बेघर होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसी कारण संगठन ने प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्हें कानूनी और नैतिक सहायता देने का भरोसा दिलाया।

कानूनी सहायता का आश्वासन

तोपसिया के निवासियों से बातचीत के दौरान जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने कहा कि संगठन प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। वहीं APCR के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान ने स्थानीय वकीलों और निवासियों के साथ बैठक कर मामले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की तथा भविष्य की न्यायिक प्रक्रिया में सहायता देने का आश्वासन दिया।

मुस्लिम संगठनों की परामर्श बैठक

कोलकाता में विभिन्न मुस्लिम संगठनों के नेताओं की एक परामर्श बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। साझा जनहित के मुद्दों पर समन्वित प्रयास करने के लिए एक अल्पकालिक संयुक्त नेटवर्क बनाने का निर्णय लिया गया, ताकि विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।

मालदा, मुर्शिदाबाद और अन्य जिलों का भी दौरा

प्रतिनिधिमंडल ने मालदा में कई सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं और चिंताएं साझा कीं। इन कार्यक्रमों में जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के जिला एवं स्थानीय पदाधिकारियों के साथ-साथ SIO, GIO और सॉलिडैरिटी मूवमेंट के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

इसके अलावा कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, दिनाजपुर और मालदा के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं। प्रतिनिधिमंडल ने बाद में मुर्शिदाबाद, नदिया और बीरभूम जिलों का भी दौरा किया, जहां स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और वकीलों से मुलाकात कर क्षेत्र की परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की।

समान व्यवहार और कानूनी सुरक्षा की मांग

दौरे के दौरान मलिक मोतसिम खान ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की जिम्मेदारी है कि वह राज्य के सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करे तथा उन्हें कानून के तहत सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि राज्य की वास्तविक प्रगति और सामाजिक सद्भाव तभी संभव है, जब सभी समुदायों को समान अधिकार, न्याय और संवैधानिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।