केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज ज़ोजिला सुरंग के ब्रेकथ्रू समारोह में शामिल होंगे

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 09-06-2026
Union Minister Nitin Gadkari will attend the Zojila Tunnel breakthrough ceremony today.
Union Minister Nitin Gadkari will attend the Zojila Tunnel breakthrough ceremony today.

 

कारगिल (जम्मू-कश्मीर) 
 
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफ़ा (bi-directional) ज़ोजिला सुरंग के 'ब्रेकथ्रू' समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में साइट पर आखिरी चट्टानी दीवार की सांकेतिक खुदाई की जाएगी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का मकसद कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी देना है। जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग घूमने आए एक पर्यटक ने ज़ोजिला सुरंग के निर्माण की तारीफ़ करते हुए कहा कि ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से यात्रा आसान होगी और इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उम्मीद जताते हुए पर्यटक ने कहा कि दो-तरफ़ा सुरंग के पूरा होने से लद्दाख तक पहुंच आसान हो जाएगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
 
पर्यटक ने ANI को बताया, "लद्दाख जाने के लिए ज़ोजिला का रास्ता बहुत मुश्किल था और हमें बीच में ही रुकना पड़ता था... ऐसी जगहों पर सुरंगें बनने से यात्रा आसान हो रही है और पर्यटन भी बढ़ रहा है... अगर यह सुरंग पूरी हो जाती है, तो श्रीनगर से लेह के रास्ते के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। सुरक्षा के नज़रिए से भी यह एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी है... हमारे लिए लद्दाख तक पहुंचना आसान हो जाएगा..."
 
13.153 किलोमीटर लंबी ज़ोजिला सुरंग दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब दो-तरफ़ा सड़क सुरंग है, और इसका अंतिम 'ब्रेकथ्रू' भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में बाल्टल (सोनमर्ग) और मीनामार्ग (द्रास और कारगिल) के बीच ज़ोजिला इलाके में स्थित इस प्रोजेक्ट का मकसद भारत के सबसे मुश्किल हिमालयी कॉरिडोर में से एक पर हर मौसम में कनेक्टिविटी देना है। यह कॉरिडोर भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण हर साल महीनों तक कटा रहता है। लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस सुरंग का निर्माण 6,500 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।
 
प्रोजेक्ट डेवलपर, मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) के अनुसार, यह सुरंग भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।