The annual fishing ban in Kerala will come into effect from Tuesday midnight.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान समुद्री संसाधनों की रक्षा के उद्देश्य से बड़े जालों से उन्हें पकड़ने (ट्रॉलिंग) पर हर साल लगाये जाने वाला प्रतिबंध मंगलवार मध्यरात्रि से लागू होगा और 31 जुलाई की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।
प्रतिबंध लागू होने से पहले मत्स्य विभाग ने मछुआरों और नौका संचालकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध अवधि के दौरान केवल पारंपरिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं को ही मछली पकड़ने की अनुमति होगी और मशीन से संचालित होने वाले ट्रॉलर पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ट्रॉलिंग और डबल-नेट से मछली पकड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अन्य राज्यों की नौकाओं को केरल के समुद्री क्षेत्र से तत्काल बाहर जाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अन्य सभी नौकाओं को अपने-अपने परिचालन केंद्रों पर लंगर डाले रखना होगा।’’
समुद्र में जाने वाले मछुआरों को जीवनरक्षक उपकरण साथ रखने तथा पंजीकरण दस्तावेज, मत्स्य पालन लाइसेंस और आधार कार्ड हर समय अपने पास रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रतिबंध अवधि के दौरान मछुआरों की सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय के लिए 15 मई से विभिन्न मत्स्य स्टेशनों पर चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं।
मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रतिबंध अवधि में मुफ्त राशन के स्थान पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए तटरक्षक बल की सेवाओं का अधिक उपयोग किए जाने का भी आग्रह किया है।
मछली संरक्षण और सतत मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केरल के तटीय क्षेत्रों में हर वर्ष यह वार्षिक ट्रॉलिंग प्रतिबंध लागू किया जाता है।