गुरुग्राम स्कूल हत्याकांड पर आधारित किताब की कहानी का इस्तेमाल करेगा 'मैचबॉक्स शॉट्स'

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-05-2026
'Matchbox Shots' to use story from book based on Gurugram school massacre
'Matchbox Shots' to use story from book based on Gurugram school massacre

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 प्रोडक्शन हाउस ‘मैचबॉक्स शॉट्स’ ने दिग्गज अपराध पत्रकार लीना धनखड़ की किताब ‘द गुरुग्राम स्कूल मर्डर’ के स्क्रीन अधिकार हासिल कर लिए हैं। यह किताब 2017 में गुरुग्राम के एक स्कूल में सात साल के लड़के की हत्या पर आधारित है।

इस प्रोडक्शन हाउस के कर्ताधर्ता फिल्म निर्माता श्रीराम राघवन है। इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस ने ‘अंधाधुन’, ‘स्कूप’, ‘आईसी 814: द कंधार हाईजैक’, ‘खौफ’ जैसी फिल्मों और सीरीज पर काम किया है।
 
मैचबॉक्स शॉट्स के मुताबिक, उक्त किताब का फिल्मांकन करने के लिए पीड़ित के परिवार का समर्थन प्राप्त है।
 
‘द गुरुग्राम स्कूल मर्डर’ प्रिंस की हत्या से जुड़ी है, जिसका गला कटा हुआ शव आठ सितंबर, 2017 को गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित स्कूल के शौचालय में मिला था। इस घटना के कारण निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यापक आक्रोश पैदा हो गया था।
 
लीना की यह किताब 2024 में प्रकाशित हुई थी जो इस बात की पड़ताल करती है कि कैसे स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की शुरुआत में स्कूल बस के एक परिचालक पर हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उसी स्कूल के एक छात्र को हिरासत में लेकर यह आरोप लगाया था कि उसने परीक्षा को देर में कराने के उद्देश्य से हत्या की थी।
 
मैचबॉक्स शॉट्स की दीक्षा ज्योति राउत्रे, जो इस परियोजना का नेतृत्व कर रही हैं, ने कहा कि यह मामला “समकालीन शहरी भारत में युवा बच्चों को आकार देने वाले दबावों के बारे में अंधेरे सच को उजागर करता है।”
 
उन्होंने एक बयान में कहा, “इस मामले में जो कुछ हुआ वह हर माता-पिता का सबसे बुरा सपना है... हमारा संकल्प है कि हम इस कहानी को सावधानीपूर्वक शोध और बारीकियों के साथ प्रस्तुत करें, जिसकी यह हकदार है।”
 
लीना ने कहा, “यह महज एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि एक परिवार के दर्द और न्याय के लिए सालों लंबे संघर्ष की दास्तां है। वह परिवार हर दिन इस अपूरणीय क्षति के साथ जी रहा है। उसे बिना किसी समझौते के न्याय मिलना ही चाहिए।”
 
न्याय के लिए प्रयासरत प्रिंस के पिता ने कहा कि उनके परिवार का एक दिन भी ऐसा नहीं गुजारा जब उन्होंने अपने बच्चे को याद न किया हो।
 
उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई बहुत लंबी और पीड़ादायक रही है। यह लड़ाई दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने तक जारी रहेगी। हम चाहते हैं कि सच्चाई अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे ताकि समाज हमारे दर्द को समझ सके और यह सुनिश्चित हो सके कि दोषियों को कभी बख्शा न जाए।”
 
अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई है कि यह फिल्म होगी या सीरीज।