नई दिल्ली:
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 159 पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 151 था। हालांकि शहर की समग्र वायु गुणवत्ता अभी भी 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में बनी हुई है, लेकिन कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंता बढ़ाने वाला है।
आनंद विहार में AQI 404, 'गंभीर' श्रेणी में पहुंची हवा
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' (Poor) श्रेणी में दर्ज की गई। इनमें अलीपुर (205), द्वारका सेक्टर-8 (206), जहांगीरपुरी (229) और वजीरपुर (230) शामिल हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति आनंद विहार की रही, जहां AQI 404 दर्ज किया गया। यह स्तर 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आता है, जो सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण माना जाता है। इस स्तर पर लंबे समय तक संपर्क में रहने से श्वसन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
अन्य महानगरों की तुलना में दिल्ली की हवा अधिक प्रदूषित
दिल्ली की तुलना में देश के कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता काफी बेहतर रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
हालांकि लखनऊ और जयपुर में भी वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी गई, जहां AQI क्रमशः 102 और 128 दर्ज किया गया।
AQI का क्या मतलब है?
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आधार पर हवा की गुणवत्ता को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है:
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। विभाग के अनुसार केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। कर्नाटक और केरल में 8 और 9 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, कराईकल, छत्तीसगढ़, पूर्व एवं पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में भी आगामी दिनों में हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं छिटपुट बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होती है, तो इससे वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी जा रही है।