‘विश्वगुरु’ बनाने का वादा और देश को मिला पेपर लीक और बेतहाशा महंगाई : कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-06-2026
but what the country got were paper leaks and rampant inflation: Congress
but what the country got were paper leaks and rampant inflation: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर मंगलवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत को विश्वगुरु बनाने का वादा किया था, लेकिन इतने वर्षों में देश आर्थिक बदहाली, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियों से घिर गया।

पार्टी के शोध विभाग के प्रमुख राजीव गौड़ा और मीडिया विभाग में शोध मामलों के प्रभारी अमिताभ दुबे ने अर्थव्यवस्था, महंगाई, विदेश नीति और कई अन्य बिंदुओं का उल्लेख करते हुए मोदी सरकार पर विफलता का आरोप लगाया और कहा कि सिर्फ प्रचार किया जा रहा है, जबकि लोगों के जीवन कोई सार्थक बदलाव नहीं आया।
 
गौड़ा ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने घोषणा की है कि वह उज्ज्वला लाभार्थियों को दिए जाने वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या नौ से घटाकर चार कर रही है। ठीक 10 साल पहले, यह घोषणा की गई थी कि भारत की महिलाओं को अब खाना पकाने के खतरनाक और हानिकारक तरीकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, और उज्ज्वला कार्यक्रम के प्रत्येक लाभार्थी के लिए 12 सिलेंडर देने का वादा किया गया था। तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने की सालगिरह पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की महिलाओं और परिवारों के खिलाफ यह प्रहार करने का फैसला किया है।’’
 
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में वादों के साथ-साथ बड़ी घोषणाएं, बड़े-बड़े बयान और सुर्खियां भी जुड़ी हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि लोगों जीवन में सार्थक बदलाव नहीं आया।
 
राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा, ‘‘कहा गया था कि लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि 2014 से अब तक एलपीजी का दाम 123 प्रतिशत बढ़ा है। पेट्रोल का दाम 44 प्रतिशत और डीजल का 73 प्रतिशत बढ़ा है। दूध के दाम में 71 प्रतिशत और दाल की कीमत 84 प्रतिशत बढ़ी है।’’
 
कांग्रेस नेता अमिताभ दुबे ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने का वादा किया गया था, लेकिन आज हकीकत सामने है और साफ दिख रहा है कि क्या हालात हैं और दुनिया के एक हिस्से में चल रहे युद्ध का भारत पर कितना असर पड़ रहा है।
 
उन्होंने दावा किया, ‘‘भारत खाद उत्पादन में आत्मनिर्भर होने वाला है, लेकिन सच्चाई यह है कि एलएनजी का उत्पादन 25 प्रतिशत कम हो गया है और यूरिया का उत्पादन काफी हद तक घट गया है।’’