आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली
केरल राज्य चलचित्र अकादमी द्वारा आयोजित 30वां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFK) 12 से 19 दिसंबर 2025 तक तिरुवनंतपुरम में होगा। आठ दिनों के इस महोत्सव में लगभग 70 देशों की 200 से अधिक फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। इस बार की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर पिछले वर्षों के मुकाबले करीब 30 अधिक फिल्में शामिल की गई हैं। इस बार 16 सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग होगी, जिसमें एक अतिरिक्त स्थल भी जोड़ा गया है।
स्पिरिट ऑफ सिनेमा अवार्ड
30वें IFFK में 'स्पिरिट ऑफ सिनेमा अवार्ड' कनाडाई फिल्मकार केली फाइफ-मार्शल को प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार में 5 लाख रुपये की नकद राशि, एक प्रतिमा और एक प्रमाण पत्र शामिल है।
स्पिरिट ऑफ सिनेमा अवार्ड 26वें IFFK में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य उन साहसी महिला फिल्मकारों को सम्मानित करना है जो समाज में अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध के रूप में सिनेमा का उपयोग करती हैं। कर्देशी फिल्मकार लिजा कलान पहले पुरस्कार विजेता थीं। इस पुरस्कार को अब तक ईरानी फिल्मकार महनास मोहम्मदी, केन्याई निदेशक वानुरी काहियू और भारतीय फिल्मकार पैयल कापड़िया जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व प्राप्त कर चुके हैं।
केली फाइफ-मार्शल की फिल्में काले समुदायों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव को चुनौती देती हैं। उनका शॉर्ट फिल्म Black Bodies (2020) टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चेंजमेकर अवार्ड जीतने वाली पहली फिल्म बनी थी। उनका पहला फिल्म Haven (2018) भी काले समुदायों के अनुभवों को दर्शाता है। वे Make Ripples नामक एक गैर-लाभकारी संगठन की सह-संस्थापक भी हैं, जो नस्लीय न्याय और समुदायों को सशक्त बनाने के लिए काम करता है।
महत्वपूर्ण आकर्षण
इस महोत्सव में इंटरनेशनल कम्पटीशन श्रेणी में 14 फिल्में, मल्यालम सिनेमा टुडे श्रेणी में 12 फिल्में और इंडियन सिनेमा नाउ श्रेणी में 7 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। इसके अलावा, 60 से अधिक फिल्में वर्ल्ड सिनेमा श्रेणी में, 8 फिल्में कालेडोस्कोप श्रेणी में और फीमेल फोकस, मिडनाइट सिनेमा और रिस्टोर्ड क्लासिक्स श्रेणियों में दिखाई जाएंगी। बांगाली मास्टर रित्विक घटक की जयंती के अवसर पर चार फिल्मों का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। शाजी एन. करुण और एम.टी. वासुदेवन नायर की फिल्मों को भी होमेज श्रेणी में प्रदर्शित किया जाएगा।
देश फोकस
इस साल के महोत्सव में वियतनाम पर फोकस रहेगा, जिसमें वियतनाम युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर पांच फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
इसके अलावा, हिंदी फिल्मकार सईद अख्तर मिर्ज़ा की तीन फिल्मों की भी रेट्रोस्पेक्टिव प्रदर्शित की जाएगी।
प्रतियोगिता और पुरस्कार
महोत्सव के समापन समारोह में पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा।
सुर्ण चकोरम (श्रेष्ठ फिल्म): 20 लाख रुपये
राजत चकोरम (श्रेष्ठ निर्देशक): 4 लाख रुपये
राजत चकोरम (श्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक): 3 लाख रुपये
ऑडियंस प्राइज (सर्वाधिक लोकप्रिय फिल्म): 2 लाख रुपये
FFSI K.R. मोहनन एंडोमेंट अवार्ड (श्रेष्ठ भारतीय डेब्यू निर्देशक): 1 लाख रुपये
इसके अलावा, FIPRESCI और NETPAC द्वारा प्रदान किए गए पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
IFFK का संक्षिप्त इतिहास
पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 17 से 23 दिसंबर 1994 तक कोझीकोड में आयोजित हुआ था, जिसका नेतृत्व केरल राज्य फिल्म विकास निगम ने किया था। दूसरा महोत्सव 1 नवंबर 1995 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था। तीसरे महोत्सव में प्रसिद्ध पोलिश निर्देशक क्रिज़टोफ ज़ानुसी को आमंत्रित किया गया था। चौथे महोत्सव में IFFK को FIAPF द्वारा मान्यता प्राप्त हुई। इसके बाद से तिरुवनंतपुरम को IFFK का स्थायी स्थल घोषित किया गया। 25वां महोत्सव COVID महामारी के कारण चार शहरों—तिरुवनंतपुरम, कोचि, थलास्सेरी और पलक्कड—में आयोजित किया गया था।
कुल मिलाकर, इस महोत्सव में लगभग 13,000 प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है, जिनमें 200 से अधिक फिल्म पेशेवर और करीब 15,000 प्रतिभागी होंगे।