आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने सीमांत लागत आधारित उधारी दर (एमसीएलआर) में 0.10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें आठ जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं।
एमसीएलआर वह आधार दर होती है जिस पर बैंक अपने अधिकांश कर्जों की ब्याज दर तय करते हैं। इस फैसले का असर ग्राहकों के आवासीय ऋण, वाहन ऋण और व्यक्तिगत ऋण की मासिक किस्तों पर पड़ सकता है।
बैंक ने कहा कि दो साल की अवधि वाले कर्ज पर सबसे अधिक 0.10 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है। अब यह दर 8.45 प्रतिशत से बढ़कर 8.55 प्रतिशत हो गई है।
वाहन, आवास एवं व्यक्तिगत ऋण जैसे अधिकांश उपभोक्ता ऋणों के लिए मानक माना जाने वाला एक-वर्षीय एमसीएलआर 0.05 प्रतिशत अंक बढ़कर 8.40 प्रतिशत हो गया है।
इसी तरह, 24 घंटे, तीन महीने, छह महीने और तीन साल की अवधि वाले कर्ज की दरों में भी 0.05 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है।
एचडीएफसी बैंक का यह कदम ऐसे समय में आया है जब रिजर्व बैंक ने रेपो दर में लगातार दूसरी बार कोई बदलाव नहीं किया। रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है।