• बिरसा मुंडा का निधन 9 जून 1900 को रांची जेल में हुआ था।
वे भारत के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और जननायक थे।
उन्होंने ब्रिटिश शासन और शोषण के खिलाफ उलगुलान (महाविद्रोह) का नेतृत्व किया।
आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
• मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।